संवाददाता :- कुमार गौरव
बरेली, (उत्तर प्रदेश)। बरेली की धरती पर पहली बार बहुजन समाज के बुद्धिजीवियों के माध्यम से अहिच्छत्रा महोत्सव (सभ्यता संस्कृति विरासत) का आयोजन ओशी बैंकट हाल में किया गया।
जिसमे बाहर से सम्मानित आगंतुक गण मुख्य अतिथि श्रद्धेय डॉ बी पी अशोक भूतपूर्व आई पी एस ने इतिहास के पन्नों को पलटा और अहिछत्रा धरोहर व महापुरुषों के जीवन पर प्रकाश डाला जिसमे बताया कि अहिछत्रा बौद्ध संस्कृति विरासत और सभ्यता का गढ़ रहा है यहां पर नाग वंश के शासक अच्युत नाग का कई वर्षों तक राज्य रहा है यहां पर अच्युत नाग ने तथागत बुद्ध को बुलाकर अपने यहाँ पर उपदेश दिलवाए थे , तथागत बुद्ध ने अहिछत्रा मे रहकर लगातार सात दिनों तक धम्म देशना की उपदेश दिये l यह तथागत बुद्ध क़ी भूमि रही है अच्युत नाग के समय यह समृद्धशाली रहा था लेकिन बाद मे कुछ विरोधी ताकतों ने इस बौद्ध विरासत को पूर्ण रूप से बदलने का कार्य किया।डॉ अशोक ने जनपद बरेली का नाम अहिछत्रा रखे जाने का प्रस्ताव रखा।
और साथ ही मुख्य बक्ता नेशनल जनमत के मुख्य संपादक नीरज भाई पटेल ने कार्यक्रम की अलग छाप छोडी। और साथ ही बहुजन कवि श्रद्धेया वन्दना सिद्धार्थ ने अपने गीतों के माध्यम में अहिच्छत्रा महोत्सव में समा बांध दिया । और इंजी एन के गौतम जी ने भारतीय संबिधान पर प्रकाश डालते हुए बहुजनों को उनके अधिकारों से रूबरू कराया और वरिष्ठ साहित्यकार डॉ बी आर बुद्ध प्रिय द्वारा लिखित धम्म क्रांति नामक पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रद्धेय डॉ बी आर बुद्ध प्रिय जी ने की और संचालन डॉ अरुण कुमार सिंह पेरियार व सारिका बौद्ध (जिलाध्यक्ष सम्यक दृष्टि समिति बरेली) ने किया। कार्यक्रम मे श्रद्धेय यशवंत सिंह (जिलाध्यक्ष दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ़ इंडिया बरेली) श्रद्धेय तारा चंद्र चौधरी (मुख्य कार्यक्रम संयोजक) सुरेंद्र प्रजापति (सामाजिक चिंतक) सत्य प्रकाश पटेल।
More Stories
सरस्वती शिशु मन्दिर में नये सत्र 2025-26 का प्रारम्भ हवन-पूजन के साथ किया।
मंडल रेल प्रबंधक सुश्री सिन्हा ने गत वित्त वर्ष 2024-25 में इज्जतनगर मंडल की उपलब्धियों की जानकारी विस्तृत रुप से साझा की गई।
बरेली : सुभाष नगर के दो नाबालिक बच्चों का शव राम गंगा किनारे मिला।