-प्रदेश सरकार द्वारा नहीं आने दी जाएगी किसी आढती या किसान को कोई दिक्कत
-किसान फसल अवशेषों को जलाने की बजाए बेचकर कमा सकते हैं अधिक मुनाफा
-बुधवार को कृषि विभाग द्वारा आयोजित विचार गोष्ठïी में विधायक ने किया किसानों को संबोधित
मनोज जांगड़ा (जिला संवाददाता)
सोनीपत, 16 सितंबर। भाजपा जिला अध्यक्ष एवं राई से विधायक मोहनलाल बड़ौली ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कुशल नेतृत्व में किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए अनेकों नीतियों को लागू किया है। सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ही खरीदेगी और इस खरीद कार्य में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। राज्य सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर ही खरीदना सुनिश्चित करेगी। श्री बड़ौली बुधवार को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा आयोजित फसल अवशेष न जलाने के लिए विचार गोष्ठïी में उपस्थित किसानों को संबोधित कर रहे थे।
विधायक ने कहा कि किसानों को फसल बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी और किसानों की तमाम सुविधाओं को ध्यान रखा जाएगा। अगर फिर भी किसी व्यापारी व किसान के मन में जरा सी भी शंका होगी, उसे राज्य सरकार की तरफ से दूर किया जाएगा। इसलिए किसानों को किसी के बहकावे में आने की जरुरत नहीं है।
श्री बड़ौली ने कहा कि किसानों को सरकार की तरफ से तमाम नीतियों का फायदा दिया जा रहा हैं। प्रदेश सरकार ने दिन-रात अन्नदाता के हित के बारे में सोचा है, किसानों को जहां एफपीओ बनाने के लिए सब्सिडी देने का काम किया है, वहीं किसान अपनी फसलों की खुद मार्किटिंग कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि व्यापारियों और आढ़तियों को भी किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल की किसान हितैषी नीतियों के आगे देश का किसान बहकने वाला नहीं है, अन्नदाता ने दिल खोलकर भाजपा का साथ दिया है और हमेशा देता रहेगा।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा पारित अध्यादेश किसानों के फायदे के लिए है किसान अब मण्डियों के अलावा भी अपनी फसल को अच्छे दामों में दूसरे जगह सीधा कंपनियों को भी बेच सकता है। ताकि किसानों की आय बढ सके। उन्होंने किसानों से आह्वïान भी किया कि आने वाले धान सीजन में धान की पराली को न जलाएं बल्कि उनकों फैक्टरियों को बैचकर किसान मुनाफा कमा सकता है। फसल अवशेष जलाने से मिट्टïी की भी उर्वरा शक्ति कम होती है जिससे आने वाली फसल के उत्पादन को कम आ जाती है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप-निदेशक अनिल सहरावत ने बताया कि आज इस विचार गोष्ठïी में खरखौदा, गन्नौर, राई व सोनीपत खण्डों के किसानों ने भाग लिया। उन्होंने किसानों से कहा कि फसल अवशेषों को जमीन में ही नष्टï करने, अवशेषों के रोल बनाने के लिए किसानों को सरकार की तरफ से अच्छी सब्सिडी पर यंत्र दिए जा रहे है। ताकि किसान इन फसल अवशेषों को बेचकर भी मुनाफ कमा सकें। उन्होनें कहा कि फसल अवशेष जलाने से भूमि की उर्वरा शक्ति तो कम होती है इसके साथ-साथ वातावरण भी प्रदूषित होता है जो मानव जाति के लिए बहुत ही नुकसानदायक है। इस अवसर पर सभी किसानों ने शपथ भी ली कि वे ने तो फसल अवशेष जलांएगे और ना ही जलाने देंगे। इस मौके पर पदमश्री अवार्डी कवल सिंह चौहान, विभाग के तकनीकी सहायक देवेन्द्र कुमार सहित किसान मौजूद रहे।
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